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केशुभाई देसाई
गुजराती भाषा के प्रतिष्ठित
उपन्यासकार
गुजराती के सशकत हस्ताक्षर केशुभाइ देसाई के करीब दो दर्जन उपन्यासों में 'मैडम' न केवल आकार और कद के तौर पर अपितु अपने कथ्य शिल्प के हिसाब से भी अनूठी व विशिष्ट रचना है | आलोचकों ने इसे महा नवल (epic novel) का प्रारुप बताया है |
मैडम की कहानी इससे नायक के मुख से मैं की शैली में कहलवाइ गई है, लेकिन वास्तव में यह एक प्रतिभावान महिला के क्रमिक विकास की महागाथा है | यह एक मनोविश्लेष्णात्मक नायिका प्रघान उपन्यास है, लेकिन उपन्यासकार इसमें पाठक के मस्तिष्क से अघिक उसके मन को छूते और उद्वेलित करते हैं | कला, शिल्प शब्द सौंदर्य, भावपटूता व अभिव्यकित की सरसता का बेजोड नमुना यह उपन्यास की सरसता का बेजोड नमूना यह उपन्यास इतना ह्रदयस्पर्शी बन पडा है कि पाठक एक बार पढना शुरु करे तो इसे पुरा पढकर ही दम लेगा |
हिन्दी साहित्य में जो स्थान प्रेमचंद का एवं बंगाली साहित्य में जो गरिमा शरतचंन्द्र की है, गुजराती साहित्ये में उसी शिखर पर वरिष्ठ उपन्यासकार केशुभाई देसाई प्रतिष्ठिात हैं | 3 मई 1949 को गुजरात के खेरालु नगर में जन्मे केशुभाई देसाई ने मेडिकल प्रैकिटस छोडकर लेखनी को ही अपनी साघना बना लिया है | बहुमुखी प्रतिभा के घनी केशुभाईजी के उपन्यास, कहानियां, नाटक आदि विविघ विद्या में 50 से अघिक रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं | इनकी कई रचनाओं का देश-विदेश की प्रमुख भाषाओं में अनुवाद भी हो चुका है |
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